झारखंड में राजस्व बढ़ाने की तैयारी, वाणिज्य कर विभाग को मिलेंगे 280 नए वाहन

झारखंड में राजस्व बढ़ाने की तैयारी, वाणिज्य कर विभाग को मिलेंगे 280 नए वाहन

Jharkhand prepares to increase revenue

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रांची। वाणिज्य कर विभाग में राजस्व बढ़ाने के लिए पदाधिकारियों के लिए 280 नए वाहन खरीदे जाएंगे। इसे लेकर वित्त एवं वाणिज्य कर मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने विभागीय सचिव से वाहनों के क्रय का प्रस्ताव मांगा है।

उन्होंने सचिव को भेजे पीत-पत्र के माध्यम से कहा है कि राज्य के स्वकर में वाणिज्य कर विभाग का लगभग 60 प्रतिशत का योगदान है।

वाणिज्य कर विभाग से प्रतिवर्ष राज्य सरकार को लगभग 24 से 26 हजार करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, जबकि खनिज संपदाओं की प्रचुरता वाले झारखंड को राज्य में खनन कार्य से मात्र 17,072 करोड़ रुपये के राजस्व की प्राप्ति होती है।

वाणिज्य कर जैसे महत्वपूर्ण विभाग को वाहन जैसे आधारभूत संरचना से यदि लैस कर दिया जाए तो यह विभाग प्रतिवर्ष 30-35 हजार करोड़ रुपये राजस्व संग्रह कर सकता है। इसके लिए विभाग को सुविधा और आधारभूत संरचना उपलब्ध कराने की आवश्यकता है।

मंत्री ने कहा है कि वाणिज्य कर विभाग अपने विविध प्रयासों से जैसे, जीएसटी के फर्जी निबंधन, करों की चोरी, कोयले की अवैध तस्करी में संलिप्त प्रतिष्ठानों पर छापा आदि से राजस्व में वृद्धि कर सकता है।


लेकिन पर्याप्त संख्या में वाहन एवं मूलभूत सुविधाओं के अभाव में राजस्व संग्रहण की वृद्धि की संभावना क्षीण हो जाती है। जो विभाग (वाणिज्य कर) अपने कर राजस्व से राज्य के विकास, स्थापना एवं पूंजीगत व्यय में सर्वाधिक योगदान देता है, उसी विभाग के पदाधिकारी सुविधा विहीन हों, यह अत्यंत दुखद है।

443 स्वीकृत पदों के विरुद्ध कार्यरत हैं 280 पदाधिकारी

मंत्री के अनुसार, वाणिज्य कर विभाग में विशेष आयुक्त के पांच, राज्य-कर अपर आयुक्त के 19 पद, राज्य-कर संयुक्त आयुक्त के 44, राज्य-कर उपायुक्त के 60, राज्य-कर सहायक के 122 तथा राज्य-कर पदाधिकारी के 193 पद सहित कुल 443 पद स्वीकृत हैं।

इसके विरुद्ध मात्र 280 पदाधिकारी कार्यरत हैं। उन्होंने अधिकारियों के रिक्त 163 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू करने के साथ ही सभी कार्यरत 280 पदाधिकारियों के लिए नए वाहनों के क्रय का प्रस्ताव 15 दिनों के अंदर उपलब्ध कराने का निर्देश सचिव को दिया गया है।